अमेरिका और इसराइल के साथ जंग शुरू होने के बाद से ही ईरान के सामने एक सवाल बना हुआ है, देश की सत्ता किसके हाथ में है?

हालाँकि औपचारिक तौर पर इसका जवाब साफ़ है. 28 फ़रवरी को जंग के पहले दिन अपने पिता अली ख़ामेनई की मारे जाने के बाद मोजतबा ख़ामेनेई देश के नए सर्वोच्च नेता बने.

ईरान में इस्लामी गणराज्य की व्यवस्था में यह पद सबसे बड़ा माना जाता है. सर्वोच्च नेता के पास लगभग हर महत्वपूर्ण मामले पर अंतिम फ़ैसला लेने का अधिकार है. इनमें जंग, शांति और देश की रणनीति से जुड़े मुद्दे शामिल हैं.

लेकिन वास्तव में ईरान की तस्वीर काफ़ी धुंधली है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नेतृत्व को 'आपस में बंटा हुआ' बताया है और संकेत दिया है कि अमेरिका एक ऐसे प्रस्ताव का इंतज़ार कर रहा है जो ईरान में सर्वसम्मति से तैयार किया गया हो.

ईरान के नेताओं के मन में निश्चित रूप से एकता का विचार था जब उन्होंने गुरुवार रात को ईरानियों को उनके मोबाइल फ़ोन पर एक संदेश भेजा.

इस संदेश में कहा गया था कि "ईरान में कट्टरपंथी या उदारवादी जैसी कोई चीज नहीं है. यहाँ केवल एक राष्ट्र है, एक ही मार्ग है."